Women domestic help challenges during Covid-19

इंटरनैशनल लेबर ऑर्गनाइज़ेशन के मुताबिक विश्व में लगभग तीन चौथाई यानी 57.7 मिलियन घरेलू कामगार लॉकडाउन और सामाजिक सुरक्षा की कवरेज की कमी के कारण अपना रोज़गार खोने की कगार पर हैं। आईएलओ के अनुमान के मुताबिक इन घरेलू कामगारों में 37 मिलियन महिलाएं हैं। महिला कामगारों को कार्यस्थल पर मैटर्निटी और पीरीयड लीव जैसी सुविधाओं की कमी के कारण अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि पिछले साल लॉकडाउन के कारण इनकी आर्थिक तंगी और परेशानियों को दिखाने की कोशिश की गई थी लेकिन अब लगातार दूसरे साल भी वैसी ही परिस्थिति झेलते घरेलू श्रमिकों की कहानी कहीं खो चुकी है। इस क्षेत्र में पुरुषों की एक बड़ी संख्या माली या ड्राइवर के रूप में काम करती है, लेकिन यह एक महिला प्रधान क्षेत्र है। सभी घरेलू कामगारों में से लगभग 76 फ़ीसद महिलाएं हैं। दुनिया भर में यह महिला श्रमबल का 4.5 प्रतिशत और महिला कामगारों का लगभग 9 प्रतिशत है। भारत में घरेलू श्रमिकों में लिंग आधारित व्यावसायिक भेदभाव के कारण 28.3 फ़ीसद पुरुषों के मुकाबले 85 प्रतिशत महिलाएं घरेलू काम करती हैं। …

Stonewel: LGBTQIA’s struggle


स्टोनवेल : क्या आप एलजीबीटीक्यूआई+ समुदाय के इस संघर्ष का इतिहास जानते हैं ?

संघर्ष, एक ऐसा शब्द है जो शायद हम सबकी जिंदगी को समेटे हुए है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी एक संघर्ष है। समाज में हाशिये पर गए हुए समुदाय को बराबरी तक लाने के लिए लगातार संघर्ष चालू है। जैसे महिलाओं का इस पितृसत्तात्मक समाज से हर रोज का संघर्ष, दलित समुदाय का समाज में बराबरी के लिए और ब्राह्मणवाद के ख़िलाफ का संघर्ष। हम सब का एक समावेशी समाज के लिए संघर्ष, किसी का दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष और न जाने कितने संघर्ष हमारे आस-पास समाए हुए हैं। ऐसा ही एक संघर्ष है, अपनी पहचान को बराबरी दिलाने का, जो एलजीबीटीक्यूआई+ समुदाय न जाने कितने बरसों से करता आ रहा है और आज भी कर रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं है की उत्पीड़न के खिलाफ़ हाशिये पर गए लोग हमेशा से ही आवाज़ उठाते आए हैं। आप लोगों की आवाज़ को ज्यादा दिन तक अनसुना नहीं कर सकते हैं। इसका उदारण आप आसानी से एलजीबीटीक्यूआई+ समुदाय के इतिहास में देख सकते हैं। …

Wife staying abroad for career – Cruelty or Sacrifice for husband

करियर के लिए पत्नी का विदेश में रहना पति के प्रति ‘क्रूरता’ या ‘पति का परित्याग’ नहींः बॉम्बे हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि कनाडा में रहने का पत्नी का निर्णय, जहां वह दंपति के बेटे के साथ बस गई है, ”अन्यायपूर्ण” या ”स्वार्थी” नहीं है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक 44 वर्षीय इंजीनियर को तलाक देने से इनकार कर दिया। इस इंजीनियर ने यह कहते हुए क्रूरता और परित्याग का आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी ने उसके साथ भारत में आकर रहने से मना कर दिया है। अदालत ने कनाडा में एक फार्मास्युटिकल कंपनी के साथ उसके फलते-फूलते करियर का विवरण देने के लिए महिला के रिज्यूमे को पुनः प्रस्तुत किया और कहा कि पति अपनी पत्नी के साथ वहां जाकर फिर से रह सकता है, खासकर जब बेहतर संभावनाओं के लिए कनाडा में बसने का उसका विचार था। …

During bail plea hearing, accused’s wish to marry victim cannot be heard

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बलात्कार के आरोपी की पीड़िता से शादी करने की इच्छा पर संज्ञान नहीं ले सकतेः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए बलात्कार के एक आरोपी के उस बयान पर विचार करने से इनकार कर दिया,जिसमें उसने कहा था कि वह बलात्कार पीड़िता से शादी करने का इच्छुक है। महत्वपूर्ण रूप से, न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज पीड़िता के बयान को पढ़ने के बाद कोर्ट को इस तरह के किसी भी समझौते (बलात्कार के आरोपी और पीड़िता के बीच) पर संज्ञान लेने से रोक दिया गया है। …

Rajasthan HC suspends cop who separated inter-caste marriage couple


राजस्थान हाईकोर्ट ने एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और अनंतिम निलंबन के आदेश दिए, जिस पर एक अंतर-जातीय जोड़े को अलग करने और अपनी पत्नी को पेश करने संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को धमकी देने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने पुलिस कांस्टेबल चंद्रपाल सिंह के आचरण पर भी गंभीर आपत्ति जताई जैसे कि उन्होंने तत्काल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के संबंध में कोर्ट ड्यूटी पर होने का दावा किया, लेकिन वह वर्दी में नहीं थे। …

Children born out of 2nd marriage NOT illegitimate

दूसरी शादी से पैदा हुए बच्चों को नाजायज संतान नहीं माना जा सकता, ऐसी संतान अनुकंपा नियुक्ति की हकदार : तेलंगाना हाईकोर्ट … more

Telangana HC – stalking/voyeurism


तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा उनके निजता के अधिकार में एक गैरकानूनी घुसपैठ है। यह कहते हुए कोर्ट ने महिलाओं का पीछा करने, ताक-झांक करने और कथित तौर पर उन्हें न्यूड वीडियो चैट करने के लिए प्रेरित करने वाले 22 वर्षीय आरोपी को हिरासत में रखने के आदेश को बरकरार रखा। यह देखते हुए कि ऐसे जघन्य अपराधों में दया दिखाना न्याय का उपहास होगा, न्यायमूर्ति ए राजशेखर रेड्डी और न्यायमूर्ति शमीम अख्तर की खंडपीठ ने कहा कि,
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Abortion and sex selection prohibition law

भारत की संसद द्वारा गर्भपात और लिंग चयन निषेध से संबंधित विस्तृत अधिनियमों का निर्माण किया गया है। गर्भ का समापन तथा भ्रूण लिंग चयन निषेध अधिनियम, दो प्रमुख अधिनियम लिंग चयन निषेध और गर्भपात से…

Surrogate woman entitled to maternity leave benefits

सरोगेट महिला भी मातृत्व अवकाश का लाभ पाने की हकदार, सरोगेट मां और प्राकृतिक मां के बीच अंतर करना महिला होने का अपमान: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

POSCO FIR cannot be quashed …

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पाॅक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत दायर एक एफआईआर को इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता है कि बालिग होने के बाद पीड़िता ने अभियुक्त के साथ…